जाता क्या है

तू क्या है ये तुझको पता है
क्या है गर दुनिया ही ख़फ़ा है

मारे दुनिया तू ना मरेगा
गर तुझको अब भी जीना है

सोच रहा है दुनिया की तू
अच्छा इसने किसको कहा है

क्या खोया है सोचूं क्यूं मैं
जो रह जाए वो अच्छा है

प्यार किया था प्यार किये जा
सोच नहीं के मिलता क्या है

मिलते हैं दुनिया में कितने
तेरे जैसा कौन हुआ है

सब ख़ुश हैं तो ख़ुश हो ‘रोहित’
ऐसा कर के जाता क्या है

रोहित जैन
05-06-2015

Published in: on अगस्त 3, 2015 at 8:04 पूर्वाह्न  Comments (1)  

सोच नहीं क्या तेरी ख़ता है

आज जो तुझसे दुनिया ख़फ़ा है, सोच नहीं क्या तेरी ख़ता है
मान ले सब से तू ही बुरा है, इस में ही अब तेरा भला है

ये दुनिया तुझको जो समझे, समझे समझे समझे समझे
जो तेरा दिल जान न पाए, उस दुनिया से लेना क्या है

प्यार था जिस से उसने मारा, जीते वो, तू सब कुछ हारा
मौत तेरी जो ख़ुशियां लाए, मर जा फिर तू सोचता क्या है

चाँद नहीं वो ना ही तारे, कालिख़ लाए तेरे प्यारे
अपनी आग को तू ज़िंदा रख, सबकी ख़ातिर क्यूं बुझता है

नाम तेरा उनको ना भाया, तूने था क्यूं नाम कमाया
थे वो बड़े और वो ही बड़े हैं, बन जा छोटा, तू छोटा है

तुझको लगी थी दुनिया सच्ची, तू अच्छा तो दुनिया अच्छी
पर ये दुनिया बहुत बुरी है, तेरा दिल था जो अच्छा है

प्यार किया था, प्यार किये जा, जो दे सकता है वो दिये जा
अपने दिल में झांक तू ‘रोहित’, अच्छा बन ना, क्या तू बुरा है

रोहित जैन
05-06-2015

Published in: on अगस्त 3, 2015 at 7:23 पूर्वाह्न  टिप्पणी करे  
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