जो पारसा थे वो भी गुनहगार हो गए

जो पारसा थे वो भी गुनहगार हो गए
बिकने को अब ईमान भी तैयार हो गए

हम सोचते तो थे के ज़माने से लड़ेंगे
इस सोच से गर्दे कूचा-ओ-बाज़ार हो गए

ऐसा दग़ा किया है दोस्तों ने क्या कहें
दुश्मन भी जिसको देख वफ़ादार हो गए

हमको सजा दिया है इस दुकाने जहां में
दुनिया के लोग अपने खरीदार हो गए

सोचा था के इख़लास-ओ-वफ़ा से जीतेंगे दुनिया
ये पैंतरे अपने सभी बेकार हो गए

आँखें झुकीं रोईं भी हँसीं भी ड़रीं भी
कैसे ये सच आँखों में नमूदार हो गए

अच्छा बनूं बुरा बनूं इस सोच में ‘रोहित’
खुद से ही आज बरसरे पैकार हो गए

रोहित जैन
17-6-2010

पारसा = Religious
गर्दे कूचा-ओ-बाज़ार = Dust of houses and market places
इख़लास-ओ-वफ़ा = Friendship and Love
पैंतरे = Tricks
नमूदार = Apparent / Menifested
बरसरे पैकार = Engaged in battle

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3 टिप्पणियाँटिप्पणी करे

  1. Great One!!!

  2. हमको सजा दिया है इस दुकाने जहां में
    दुनिया के लोग अपने खरीदार हो गए
    good lagi

  3. nice one


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