बदले बदले

जारी हैं क़त्ल अब भी बस सर हैं बदले बदले
हैं आज भी वो क़ातिल खंजर हैं बदले बदले

इल्ज़ाम हैं लगाते के हम हैं बदले बदले
दिल से ज़रा ये पूछो क्यूंकर हैं बदले बदले

अब प्यार भी नहीं है ना ऐतबार बाकी
शख़्स तो वो ही हैं तेवर हैं बदले बदले

रुकता नहीं है कोई किसी हादसे के कारण
शक्ल पर ना जाओ अंदर हैं बदले बदले

साक़ी है हमसे हैरां या औकात गिर गई है
ये जाम तो ना बदला, सागर हैं बदले बदले

अब ना रही वो चिलमन वो जिससे झाँकते थे
बस रास्ता वो ही है पर घर हैं बदले बदले

हम जिनकी मुश्किलों से मुश्किल में पड़ गये थे
वो हमको मुश्किलों में पाकर हैं बदले बदले

वो शख़्स तो कभी का मंज़िलों में गुम है
हम ही बचे हैं जिसके मंज़र हैं बदले बदले

आज मै दीवारों से बात कर रहा हूँ
तन्हा खड़ा हूँ यारों सब दर हैं बदले बदले

रोहित जैन
04-10-2007

Published in: on अगस्त 9, 2009 at 10:19 पूर्वाह्न  Comments (4)  
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4 टिप्पणियाँटिप्पणी करे

  1. अब प्यार भी नहीं है ना ऐतबार बाकी
    शख़्स तो वो ही हैं तेवर हैं बदले बदले

    रुकता नहीं है कोई किसी हादसे के कारण
    शक्ल पर ना जाओ अंदर हैं बदले बदले

    waah behtarin,sahi hai waqt ke saath tewar badal jaate hai.sunder gazal

  2. hmm….
    mijaaj bhi badale badale hai..
    mausam bhi badale badale,,
    sanse abhi bhi chal rahi hai waise hi,
    lekin jine ke iraade badale badale hai.!

  3. nice

  4. Apki kalm bahot ubda likhti hi!!
    uprwala apki kalm ko barkt de!!!
    Shandar!!!!


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