दिल मेरे दिल तू इतना नादान क्यों है

दिल मेरे दिल तू इतना नादान क्यों है
टूटे हुए ख़्वाबों में ये अरमान क्यों है

बिखरे जाते हैं क्यों मरासिम सारे
अब मुँह फेरे हर इन्सान क्यों है

घेर चुका ही है अब ये मुझको
फिर इतना चुप ये तूफ़ान क्यों है

इख़लास के चमन बहारों में जले हैं
ये हाथ मिलाने का एहसान क्यों है

इसको तो सुलगना चाहिये आँसुओं में
इस दिल को इतना इत्मीनान क्यों है

जब सज़ा ही लिखी है किस्मत में
दिखाने को ये इम्तिहान क्यों है

मिलने ही नहीं हैं जो कभी मुझको
मिले उन रिश्तों को उन्वान क्यों है

सबको को पता है मेरे दिल की हालत
किया जाता ये एलान क्यों है

दिखता है सब साफ़ साफ़ मुझे
फिर भी कम मेरा औसान क्यों है

जहाँ शहर हुआ करता था कभी
अब उन दिलों में कब्रिस्तान क्यों है

जो सुना सुनाया करते थे कसीदे
अब फ़ातिहों के कदरदान क्यों है

दिल से दिल मिले हुए थे कभी
इतना फ़ासला अब दर्मियान क्यों है

यूँ तो हर दर्द का इलाज मिलता है
मेरे ही दर्द का नहीं दरमान क्यों है

पहले तो आँखों से ही समझ लेते थे
अब चाहिये ये तर्जुमान क्यों है

दूर दूर तक कोई नहीं आएगा
दिल को होता फिर गुमान क्यों है

मेहराबों से सजे सारे दामन हैं
खाली हमारा ही गुलदान क्यों है

सूखा होता तो शायद बेहतर था
काँटों से भरा गुलसितान क्यों है

कोई उम्मीद् की सहर मिले सेहरा में
मिलता नहीं नख़लिस्तान क्यों है

ग़ैबदान है, जो सब जानता है
‘रोहित’ पे ही नहीं मेहरबान क्यों है

28-4-2004
रोहित जैन

उन्वान == Definitions / Titles
औसान == Understanding
दरमान == Medicine / Cure
तर्जुमान == Translator
ग़ैबदान == Who knows every secret == God

Published in: on अगस्त 4, 2009 at 12:50 पूर्वाह्न  Comments (6)  

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6 टिप्पणियाँटिप्पणी करे

  1. This is awesome….thogh it looks it is one out of the treasures…..
    Read it at once…now re-reading it again to go in depth…keep it up

  2. I loved this. Amazing stuff , would love to read and quote…..

    Keep it up dude……..

  3. rohit bhai, tabahi laa di aapne do, ye bahut hi “dangerous” type ghazal likhi hai, dil “garden-garden” ho gaya hai and I am privileged to read these all before anyone else🙂

  4. पहले तो आँखों से ही समझ लेते थे
    अब चाहिये ये तर्जुमान क्यों है
    behtareen bahut umda racanaa hai shubhakaamanaaye

  5. सबको को पता है मेरे दिल की हालत
    किया जाता ये एलान क्यों है

    दिखता है सब साफ़ साफ़ मुझे
    फिर भी कम मेरा औसान क्यों है
    waah behtarin,har sher apneaap mein aafrin.

  6. bahut hi badhiya our sundar ……..achchhi rachcna ke liye badhaaee


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