वो आग ऐसी दिल में लगा के चला गया

उनका ख़याल आया और आ के चला गया
यादों का एक पल ही रुला के चला गया

जिस शख़्स से उम्मीद थी फूलों की वही शख़्स
राहों में मेरी ख़ार बिछा के चला गया

सपनों का इक जहान बसाया था जिसके साथ
दुनिया वही ग़मों की बसा के चला गया

शम्मा जलाई जिसके इन्तज़ार में वही
शम्मा से मेरा घर ही जला के चला गया

भूले से भी जिसको न भूलने की कसम थी
वो आज हमको खुद ही भुला के चला गया

‘रोहित’ से किसी तौर जो बुझती नहीं है दोस्त
वो आग ऐसी दिल में लगा के चला गया

रोहित जैन
11-06-2009

Published in: on जून 12, 2009 at 12:16 पूर्वाह्न  Comments (10)  

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10 टिप्पणियाँटिप्पणी करे

  1. bahut hi bhavuk aur sundar abhivyakti…..Sundar gazal..

  2. अर्ज करते हैं हम कि आप अच्छे शायर हैं। शायरी की ज्यादा समझ नहीं है, लेकिन बड़े शायरी अपनी शायरी में अपना नाम जरूर छोड़ते हैं। …और आपने भी छोड़ा है। भई वाह!

  3. उनका ख़याल आया और आ के चला गया
    यादों का एक पल ही रुला के चला गया

    बहुत बढ़िया

    venus kesari

  4. meera

    • aap bahut achha likhte han. aap ki gazalen baar baar padhne ka man hota hae. khuda aapko bulandiyon par le jaye.

  5. उनका ख़याल आया और आ के चला गया
    यादों का एक पल ही रुला के चला गया

    जिस शख़्स से उम्मीद थी फूलों की वही शख़्स
    राहों में मेरी ख़ार बिछा के चला गया

    सपनों का इक जहान बसाया था जिसके साथ
    दुनिया वही ग़मों की बसा के चला गया

    शम्मा जलाई जिसके इन्तज़ार में वही
    शम्मा से मेरा घर ही जला के चला गया

    भूले से भी जिसको न भूलने की कसम थी
    वो आज हमको खुद ही भुला के चला गया

    ‘रोहित’ से किसी तौर जो बुझती नहीं है दोस्त
    वो आग ऐसी दिल में लगा के चला गया

    11-06-2009

  6. jindagi me kuchh log ajib hote hai aur kuchh ajib karte hai, aap unme se ek ho.

    all the best…….
    ……………….

    bekhabar masum.

  7. “TU HASE TO TUJHE GAM LAGE KHUSI NA LAGE
    ZINDAGI BHI TERE DIL KO SANAM ZINDAGI NA LAGE
    TU ROYA KARE ROZ BANKE CHAND 36 KA
    KHUDA KARE TERA MERE BAGER DIL NA LAGE”

  8. ये हक़ीक़त है कि होता है असर बातों में
    तुम भी खुल जाओगे दो-चार मुलक़ातों में
    तुम से सदियों की वफ़ाआें का कोई नाता न था
    तुम से मिलने की लकीरें थीं मेरे हाथों में
    तेरे वादों ने हमें घर से निकलने न दिया
    लोग मौसम का मज़ा ले गए बरसातों में
    अब न सूरज न सितारे न शमां न चांद
    अपने

  9. yado ke kemat o kaya jane jo yado ko he meta dika karte hai. dadovke ki kemat un se puchho jo yaado ke sahare apne duniya mita diya karte ha.

    kaya baat hai


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