ग़मों ने बाँट लिया मुझको ख़ज़ाने की तरह

ग़मों ने बाँट लिया मुझको ख़ज़ाने की तरह
बिखर गया हूँ हर गली में फ़साने की तरह

मुझे कुछ इस तरह से ढ़ूँढ़ रही है गर्दिश
के जैसे मै हूँ शिकारी के निशाने की तरह

के रात रात न हो, कोई चिता हो जैसे
के जैसे ख़्वाब हों जलने के बहाने की तरह

मै कोई संग न था मै तो एक शीशा था
पटक दिया मुझे पत्थर पे ज़माने की तरह

ये वहम ये ख़लिश ये वफ़ा-मिजाज़ ज़ेहन
इन्होने कर दिया ‘रोहित’ को दीवाने की तरह

रोहित जैन
16-01-2009

Published in: on फ़रवरी 28, 2009 at 11:43 पूर्वाह्न  Comments (15)  

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15 टिप्पणियाँटिप्पणी करे

  1. बहुत उम्दा गज़ल है रोहित जी। पढ कर बहुत आनंद आ गया।बधाई।

  2. मुझे कुछ इस तरह से ढ़ूँढ़ रही है गर्दिश
    के जैसे मै हूँ शिकारी के निशाने की तरह

    क्या बात है रोहित जी…बहुत खूब…बड़े दिनों बाद आपका लिखा पढने को मिला है…लेकिन तेवर वो ही पुराने हैं…लाजवाब ग़ज़ल…बधाई…
    नीरज

  3. प्रेम-रोग में गम का होना,
    जीवन का ये ही है रोना।
    गम में खारे आँसू पीना,
    सपनों में ही उसके खोना।।
    क्रम चलता ही रहता है।
    जीवन ढलता ही रहता है।।

  4. wah rohit ji bahot hi khubsurat gazal ,kahan bhi utne hi khusurat… maza aagay a dhero badhai ssahab…

    arsh

  5. मुझे कुछ इस तरह से ढ़ूँढ़ रही है गर्दिश
    के जैसे मै हूँ शिकारी के निशाने की तरह

    के रात रात न हो, कोई चिता हो जैसे
    के जैसे ख़्वाब हों जलने के बहाने की तरह

    waah bahut gazab sundar sher.

  6. रोहित अच्छा लिखा आपने ..

  7. वाह वाह वाह !!! लाजवाब ग़ज़ल…..हरेक शेर खूबसूरत….वाह

  8. “की ग़मों ने बाँट लिया मुझको जमाने के तरह ,——, के मुझको खोज रहा है शिकारी निशाने के तरह .”
    भाई क्या खूब कहा आपने.बात सीधे दिल की गहराई में उतरती है . आपका शीर्षक मुझे आपके ब्लॉग तक खींचा लाया
    सादर

  9. dear sir congrats
    kya khub likha hai…….
    मै कोई संग न था मै तो एक शीशा था
    पटक दिया मुझे पत्थर पे ज़माने की तरह

    ये वहम ये ख़लिश ये वफ़ा-मिजाज़ ज़ेहन
    इन्होने कर दिया ‘रोहित’ को दीवाने की तरह
    padh kar apke dard ko mahsus kiya hai.
    asi hi aur gazalon ke intzar me apka ek murid

  10. bahut khoob rohit jee
    har ek sher par waah waah ,
    daad kabul karen

  11. 🙂 Too Good

  12. सुभान अल्लाह !!!!!!!!

  13. Where is my comment??
    I posted one yesterday😦
    But chalo I can praise your ghazals as many times as possible🙂
    Tooo good
    Njoy, Life is Beautiful🙂

  14. bahut hi umeeda ghazal har ek sher lajawab

  15. ये वहम ये ख़लिश ये वफ़ा-मिजाज़ ज़ेहन
    इन्होने कर दिया ‘रोहित’ को दीवाने की तरह

    Kya baat hai!!!


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