मै बनूं शाहजहां तू मेरी मुमताज़ महल
आ तेरे प्यार में तामीर करूँ ताजमहल
तू ही उर्दू का अदब और तू ही शेर-ओ-सुख़न
तू ही है गीत-ओ-रुबाई-ओ-क़ता हम्द-ए-ज़हन
तू ही है शेर का अशआर तू मफ़हूम-ए-नज़्म
तू ही महफ़िल तू ही शम्मा तू मोहब्बत की बज़्म
मै बनूं ‘मीर’-ओ-’ग़ालिब’ तू बने मेरी ग़ज़ल
आ तेरे प्यार में तामीर करूँ ताजमहल
तू चमेली तू ही चम्पा तू गुलाब-ओ-गुलनार
तू ही नरगिस तू ही शहनाज़-ओ-हिना हरसिंगार
रातरानी भी तू ही और तू जूही की कली
मोगरे की तू ही ख़ुशबू तू मोतिये की हँसी
मै बनूं एक चमन तू हो मेरा फूल कँवल
आ तेरे प्यार में तामीर करूँ ताजमहल
तू ही लैला तू ही शीरीं तू ही हो हीर मेरी
क़ैस-ओ-फ़रहाद-ओ-राँझे सी हो तस्वीर मेरी
तू ही सोहनी का हो चेहरा मै ही महिवाल तेरा
तू ही हो श्याम की राधा मै ही गोपाल तेरा
मै बनूं राम तू बन जाये सिया का आँचल
आ तेरे प्यार में तामीर करूँ ताजमहल
तू वो जुगनू है के सूरज भी जिस से शरमाये
तू वो तितली है जो ख़ुशरंग फ़िज़ा कर जाये
तू ही वो हश्र है चश्म-ए-ग़ज़ाल हैं जिस से
अन्दलीबों कि हँसी तेरी सदा के किस्से
तू ही बुलबुल तू ही है चकोर पपीहा कोयल
आ तेरे प्यार में तामीर करूँ ताजमहल
तू ही मौसम तू ही वादी तू बहार-ए-गुलशन
तू ही पतझड़ तू ही बरखा तू ही सर्दी की चुभन
तू ही झरना तू ही नदिया तू ही सागर की लहर
तू ही चंदा तू ही सूरज तू ही तारों का शहर
तू ही बिजली तू ही पानी तू हवा ये बेकल
आ तेरे प्यार में तामीर करूँ ताजमहल
रोहित जैन
22-23/12/2008
तामीर = Plan
सुख़न = Poetry
रुबाई, क़ता, क़ता, हम्द = Forms of Urdu Poetry
अशआर = Couplet
मफ़हूम = Meaning / Essence
चमेली,चम्पा, गुलाब, गुलनार, नरगिस, शहनाज़, हिना, हरसिंगार, रातरानी, जूही, मोगरा, मोतिया, कँवल = Types of Flowers
हश्र = Limit
चश्म-ए-ग़ज़ाल = Eyes of Deer
अन्दलीब = Nightingale
चकोर, पपीहा, कोयल = Types of Birds
बहोत खूब लिखा है आपने ढेरो बधाई साथ में नव वर्ष की मंगलकामनाएं …..
अर्श
Its been ages. Nice to see you back, a good one indeed
बहुत दिनों बाद नजर आए रोहित भाई…लेकिन एक बहुत दमदार रचना के साथ…बहुत बहुत बधाई…नए साल की भी और इतनी अच्छी रचना के लिए भी….
नीरज
waw bahi bahi
Wah wah! bahut achche
No.1. Loving Place of the world.
thik nahi.