तेरी तस्वीर है आँखों में
फ़िर से नीर है आँखों में
दिल में लगता है ख़वाब है
इक ताबीर है आँखों में
जिस से है दिल रेज़ा रेज़ा
वो तीर है आँखों में
मेरी हालत है राँझे जैसी
बस हीर है आँखों में
तेरा अक्स तेरी सूरत तेरी यादें
यही जागीर है आँखों में
हश्र इश्क़ के दामन का
चीर चीर है आँखों में
जिसको मौत भी नहीं मिलती
वो फ़कीर है आँखों में
दिल में आंधियां चलती हैं
और धीर है आँखों में
ज़ेहन में मेरे जो सवाल है
उसकी तद्बीर है आँखों में
रुसवाई की हवा फ़िज़ाओं में
मेरी तक्दीर है आँखों में
रोहित जैन
19/12/2007